1 अगस्त से खत्म हो जाएगी UPI की फ्री सर्विस, अब बैलेंस चेक पर भी लगेगा चार्ज

नई दिल्ली :- अगर आप मोबाइल से पैसे भेजते हैं, बिल भरते हैं या QR कोड स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि 1 अगस्त 2025 से UPI (यूपीआई) के नियम बदलने वाले हैं। इन नए नियमों को NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने जारी किया है।

UPI New Rules
UPI New Rules

बदलाव क्यों जरूरी हो गए?

हर दिन करोड़ों लोग UPI से ट्रांजैक्शन करते हैं। मोबाइल से पानी की बोतल से लेकर EMI तक का पेमेंट हो रहा है। अप्रैल 2025 में जब एक दिन UPI सर्वर डाउन हो गया था, तब लोगों को बहुत परेशानी हुई थी। इसलिए अब सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कुछ नियम बदले जा रहे हैं।

क्या हैं UPI के नए नियम?

दिनभर में केवल 50 बार बैलेंस चेक कर सकेंगे

अब आप Google Pay या Paytm पर दिन में 50 बार से ज़्यादा बैलेंस चेक नहीं कर पाएंगे। इससे सिस्टम पर लोड कम होगा।

लिंक किए गए बैंक अकाउंट्स दिन में केवल 25 बार देख सकेंगे

अगर आपके कई बैंक अकाउंट UPI से जुड़े हैं, तो आप उन्हें दिन में 25 बार से ज्यादा नहीं देख सकते

AutoPay सिर्फ तय समय पर

Netflix, Amazon Prime जैसे ऐप्स के ऑटो पेमेंट अब सिर्फ इन समयों पर ही होंगे:

  • सुबह 10 बजे से पहले

  • दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक

  • रात 9:30 बजे के बाद

यह इसलिए किया गया है ताकि सबसे व्यस्त समय में सर्वर पर कम दबाव पड़े।

इन बदलावों से क्या फायदा होगा?

  • UPI पेमेंट और भी तेज़ और बिना रुकावट के होंगे।

  • सर्वर डाउन की दिक्कतें कम होंगी।

  • फ्रॉड के मामले घटेंगे।

  • सभी को ट्रांजैक्शन में आसानी होगी।

अब हमें क्या करना चाहिए?

  • बैलेंस तभी चेक करें जब ज़रूरत हो।

  • बार-बार अकाउंट डिटेल न देखें।

  • AutoPay का समय ध्यान रखें।

  • अपने UPI ऐप्स को अपडेट रखें।

  • नए नियमों को समझें और दूसरों को भी बताएं।

दुकानदार और व्यापारी क्या करें?

अगर आप दुकान चलाते हैं और रोज़ UPI से पेमेंट लेते हैं तो ये बातें ध्यान रखें:

  • ग्राहकों को नए नियमों के बारे में जानकारी दें।

  • पेमेंट से पहले बैलेंस चेक करने की सलाह दें।

  • कैश और कार्ड जैसे दूसरे विकल्प भी रखें।

क्या ये बदलाव सही हैं?

बिलकुल! ये नियम UPI को सुरक्षित, तेज और मजबूत बनाने के लिए हैं। जब करोड़ों लोग एक साथ मोबाइल से पैसे भेजते हैं, तो सिस्टम को मजबूत रखना ज़रूरी हो जाता है।

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