Haryana News: हरियाणा में यहाँ बनने जा रहा है 6 लेन का बाईपास, जाम से राहत के लिए 1,878 करोड़ रुपये होंगे खर्च

पंचकूला, Haryana News :- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जीरकपुर-पंचकूला बाईपास के निर्माण के लिए 1,878.31 करोड़ रुपये की लागत से निविदा जारी कर दी है। यह परियोजना 19.2 किलोमीटर लंबा छह लेन का आधुनिक बाईपास होगा, जो एनएच-5 और एनएच-7 की भीड़भाड़ वाली हिस्सों से ट्रैफिक को डायवर्ट करने में मदद करेगा।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

यह बाईपास उन हजारों वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा जो जीरकपुर, पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे इलाकों में भारी ट्रैफिक की समस्या से जूझते हैं। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट ट्राइसिटी के यातायात को बेहतर बनाएगा और लोगों की यात्रा का समय कम करेगा।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में मंजूरी मिली

इस परियोजना को 9 अप्रैल 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। इसके बाद अब NHAI ने निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है।

10 साल पहले बनी थी योजना

दिलचस्प बात यह है कि इस बाईपास की योजना करीब 10 साल पहले बनाई गई थी। भूमि अधिग्रहण का काम पंजाब सरकार द्वारा किया गया था और वर्ष 2020 में इसे NHAI को सौंप दिया गया। परियोजना अब पूरी गति से आगे बढ़ रही है।

क्या-क्या होगा इस बाईपास में?

यह बाईपास आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा:

  • कुल लंबाई: 19.2 किलोमीटर

  • 5 फ्लाईओवर

  • 9 लाइट व्हीकल अंडरपास (LVUP)

  • 1 सामान्य अंडरपास

  • 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)

  • 1 बड़ा पुल और 1 छोटा पुल

  • कई एलिवेटेड सेक्शन

यह बाईपास एनएच-7 पर जीरकपुर-पटियाला जंक्शन से शुरू होकर एनएच-5 पर जीरकपुर-परवाणू जंक्शन तक जाएगा। मार्ग मोहाली और पंचकूला जिलों से होते हुए निकलेगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ?

बाईपास खासतौर पर पंचकूला के सेक्टर 24 और 25 को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इसके अलावा शहर के बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख सड़कों से जुड़ने में आसानी होगी।

निर्माण कब से शुरू होगा?

परियोजना को अप्रैल 2025 तक शुरू करने का लक्ष्य है। निर्माण कार्य की शुरुआत जनवरी 2026 तक होने की उम्मीद है और इसे 2 वर्षों में पूरा करने की योजना है। यानी 2028 की शुरुआत तक यह बाईपास पूरी तरह से चालू हो सकता है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *